स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 में मध्यप्रदेश को मिला दूसरा स्थान, इंदौर और सूरत संयुक्त रूप से देश के सबसे स्वच्छ शहर।

स्वच्छता सर्वेक्षण 2023

आज केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (Ministry of Housing and Urban Affairs) द्वारा आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण-2023 का पुरुस्कार वितरण समारोह दिल्ली के भारत मंडपम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु  की उपस्थिति में आयोजित हुआ।

आपको बता दें की इंदौर को देश का सबसे स्वच्छ शहर सूरत के साथ संयुक्त रूप से माना गया। इंदौर सातवीं बार लगातार देश का सबसे स्वच्छ शहर बना। पहली बार 2017 में बना था। इसके अलावा मध्यप्रदेश से भोपाल, अमरकंटक, बुधनी, नौरोजाबाद, और महू केंट को सम्मानित किया जाएगा। वहीं  छत्तीसगढ़ के पांच नगरीय निकाय रायपुर, पाटन, कुम्हारी , महासमुंद और आरंग को भी राष्ट्रीय अवार्ड मिलेगा.  इस सर्वेक्षण में देश का सबसे स्वच्छ राज्य का दर्जा महाराष्ट्र को मिला दूसरे स्थान पर मध्यप्रदेश आया। हालांकि पिछले साल मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर था, छत्तीसगढ़ दूसरे और महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर था। छतीसगढ़ को इस बार तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। भोपाल को देश की स्वच्छतम राज्य राजधानी का पुरुस्कार मिला है।

 मध्यप्रदेश से  इस समारोह में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.  मोहन यादव, राष्ट्रपति माननीया द्रौपदी मुर्मू के हाथों पुरुस्कार ग्रहण किया। इस कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विश्नुदेव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव, इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव, निगमायुक्त हर्षिका सिंह और भी कईं लोग उपस्थित रहे।

आम लोगों से प्रदेश भरpresident murmu awarded mp cm dr. mohan yadav में मिले फीडबैक, स्वच्छता हेतु प्रदेश भर में चलाई गई परियोजनाएं, बजट वितरण आदि के आधार पर प्रदेशों की स्वच्छता  रैकिंग तय की जाती है। 2016 से एमओएचयूए  (Ministry of Housing and Urban Affairs) द्वारा आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण, दुनिया का सबसे बड़ा शहरी स्वच्छता और स्वच्छता सर्वेक्षण है। यह नागरिकों को उनकी सेवा वितरण में सुधार करने और स्वच्छ शहरों के निर्माण की दिशा में कस्बों और शहरों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इस  स्वच्छ सर्वेक्षण का प्राथमिक लक्ष्य बड़े पैमाने पर नागरिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना और कस्बों और शहरों को रहने के लिए बेहतर स्थान बनाने की दिशा में मिलकर काम करने के महत्व के बारे में समाज के सभी वर्गों के बीच जागरूकता पैदा करना है।

स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के दायरे में आयोजित, वार्षिक सर्वेक्षण यह साबित करने के प्रयास में लोगों, संसाधनों और अधिकारियों को जुटाने में कामयाब रहा है कि भारत के सभी शहरों में से उनका शहर सबसे स्वच्छ है और नागरिकों और शहरी नगरीय निकायों दोनों द्वारा टिकाऊ प्रथाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2019 तक भारत को स्वच्छ बनाने का आवाहन किया था और खुले में शौच जाने को समाप्त करने के लिए संकल्प किया था। उन्होंने कहा महात्मा गांधी को स्वच्छ भारत से बेहतर तोहफा क्या हो सकता है। इस मिशन ने एक आंदोलन की भूमिका निभाई है जिसमें सभी ने साझेदारी की है और श्रमदान किया है। यह आंदोलन अब एक अभिन्न हिस्सा बन गया है और  2016 में आरंभ हुआ गया एक सर्वेक्षण अब सबसे बड़ा सर्वेक्षण बन गया है। स्वच्छता केवल आदत नहीं है, यह एक आंदोलन है। एक अगली पीढ़ी भी इस आंदोलन में भाग ले रही है।

 

Leave a comment